कुछ आखों का भरम रहने दो,
मुझको और पल दो पल जीने दो.
यादों के नस्तर दिल पे चलने दो,
हम डूबे तो अब डूब जाने दो.
इस बात से तुम को हया होने दो,
हम जान से गुजरते है गुजर जाने दो.
वक़्त का तकाजा ये सबब रहने दो,
आज तुम्हे कुछ पल बेवफा कहने दो.
वक़्त बदलता है तो बदलने दो,
गम ऐ गुबार दिल से बहने दो.
होशो में पूछेगें तुझे सबब दो,
पर आज इस बेखुदी में मरने दो.
उस तरफ की खुशिया रहने दो,
इस तरफ की गम ऐ रुखसत सहने दो.
महखाने के दर खुले रहने दो,
सरबत ऐ सुरूर से पहचान होने दो.
ये आखिरी 'पाशा' ऐ सलाम लेने दो,
फिर आस का कोई दिप जलने दो.