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Saturday, February 5, 2011


कल जो लोग अपने थे,
आज वो क्यू पराये है ?

दिल में अपने बसते थे,
आज वो क्यू रुलाते है ?

मिल के कभी हसते थे,
आज वो क्यू कतराते है ?

दोस्ती पे नाज़ रखते थे,
आज वो क्यू शरमाते है ?

ये कैसी रंजिश है "पाशा"
आज वो क्यू वहशी है ?

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