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Monday, June 14, 2010

वाकया

शाम से आज सांस भारी है,
बेक़रारी है बेक़रारी है.

आप के बाद हर घडी हमने,
आप के साथ ही गुजारी है.

रात को दे दो चाँदनी कि रिदा,
दिन की चादर अभी उतारी है.

कल का हर वाकया तुम्हारा था,
आज की दास्ता 'पाशा' हमारी है.

11 comments:

  1. ख़ूबसूरत बह्र में ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद !
    मगर …
    रात को दे दो चाँदनी किरिदा,
    को ऐसे कहते तो शायद बात आसानी से समझ आ जाती
    रात को चांदनी की दे दो रिदा
    पूरी ग़ज़ल अच्छी है , लेकिन मक़्ते के शे'र में बात बिगड़ गई…
    आज की दास्ता 'पाशा' हमारी है.
    बह्र क़ाइम नहीं रह पाई , बुरा न मानें ।

    वक़्त 'पाशा' तुम्हारा था कल तक
    आज से बात हर हमारी है

    इसे यूं , या किसी और तरह से कह सकते थे ।
    बहरहाल , आपका ब्लॉग के संसार में ख़ैरमक़्दम है !
    कभी बात की इच्छा हो तो मेल करें…
    swarnkarrajendra@gmail.com
    और मेर ब्लॉग शस्वरं पर भी आपका स्वागत है …

    - राजेन्द्र स्वर्णकार
    शस्वरं

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  2. "आप के बाद हर घडी हमने,
    आप के साथ ही गुजारी है.

    रात को दे दो चाँदनी किरिदा,
    दिल की चादर अभी उतारी है.

    कल का हर वाकया तुम्हारा था,
    आज की दास्ता 'पाशा' हमारी है."

    बहुत खूब

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  3. khoobasoorat gajal---hindi blog jagat men apka svagat karate huye khushee ho rahee hai.
    Poonam

    ReplyDelete
  4. ब्लॉग की दुनिया में ख़ुश आमदीद ,

    आप के बाद हर घडी हमने,
    आप के साथ ही गुजारी है.

    ग़ज़ल की तमामतर रानाइयों को निभाता हुआ शेर है ये
    लेकिन मक़ते के मामले में मैं राजेंद्र जी से मुत्तफ़िक़ हूं ,

    ReplyDelete
  5. हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

    मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

    यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

    शुभकामनाएं !


    "टेक टब" - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

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  6. आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
    आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
    इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
    उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
    आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
    और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ "टेक टब" (Tek Tub) पर.
    यदि फ़िर भी कोई समस्या हो तो यह लेख देखें -


    वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?

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  7. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  8. This comment has been removed by a blog administrator.

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  9. "आप के बाद हर घडी हमने,
    आप के साथ ही गुजारी है.

    kya bat hai huzoor.

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  10. " बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता "

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति.कॉम "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . अपने राजनैतिक , सामाजिक , आर्थिक , सांस्कृतिक और मीडिया से जुडे आलेख , कविता , कहानियां , व्यंग आदि जनोक्ति पर पोस्ट करने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर जाकर रजिस्टर करें . http://www.janokti.com/wp-login.php?action=register,
    जनोक्ति.कॉम www.janokti.com एक ऐसा हिंदी वेब पोर्टल है जो राज और समाज से जुडे विषयों पर जनपक्ष को पाठकों के सामने लाता है . हमारा प्रयास रोजाना 400 नये लोगों तक पहुँच रहा है . रोजाना नये-पुराने पाठकों की संख्या डेढ़ से दो हजार के बीच रहती है . 10 हजार के आस-पास पन्ने पढ़े जाते हैं . आप भी अपने कलम को अपना हथियार बनाइए और शामिल हो जाइए जनोक्ति परिवार में !

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